हाल के अध्ययन के अनुसार शहरी क्षेत्रों में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है। शीघ्र निदान व जीवनशैली में बदलाव के महत्व पर बल दिया गया है।
हाल के अध्ययनों ने भारत के शहरी क्षेत्रों में हृदय रोगियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, विशेष रूप से ३० से ५० वर्ष की आयु के लोगों में।
बदलती जीवनशैली, तनाव, और आहार में बदलाव को प्रमुख कारणों के रूप में पहचाना गया है। शोधकर्ताओं ने नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर बल दिया है।
अध्ययन में बताया गया है कि शीघ्र निदान होने पर उपचार के परिणाम काफी बेहतर होते हैं। इस कारण ३० वर्ष की आयु से ही नियमित हृदय जांच की सलाह दी जाती है।
यह एक स्वतंत्र, संक्षिप्त सारांश है। पूर्ण अध्ययन हेतु मूल स्रोत पर जाएं:
Indian Heart Journal